लेबर के आंकड़े सही बताएं ताकि कारगर योजना बने: जोशी

BY — June 23, 2019

डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषयक संगोष्ठी
उदयपुर। माइनिंग इन्जिनियर्स एसोसिएशन आॅफ इण्डिया, राजस्थान चेप्टर, उदयपुर एवं खान एवं भू विज्ञान विभाग राजस्थान सरकार के सयुक्त तत्वाधान में राजस्थान काॅलेज आॅॅफ एग्रीकल्चर (आर. सी. ए.) के सभागार में आयोजित हुई दो दिवसीय “डिजिटलाईजेशन एण्ड ई-गवर्नेंस इन माइनिंग इण्डस्ट्री“ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज समापन हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि केन्द्रीय सरकार के उप मुख्य श्रम आयुक्त एस.सी.जोशी ने कहा कि खनन कारोबारियों द्वारा दाखिल किये जाने वाले वार्षिक रिटर्न में पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता रखी जानी चाहिय,उसमें लेबर के आंकड़े सही भरे जाने चाहिये ताकि केन्द्रीय सरकार देश में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से संगठित व असंगठित क्षेत्रों में काम कर रही लेबर के किये सही योजनायें बना सकें। आंकड़ों की सही जानकारी के अभाव में योजनायें नहीं बन पा रही है। कारोबारियों को सेल्फ असेसमेन्ट देना होगा कि उन्होंने वर्ष पर्यन्त कानून की पूरी पालना की या नहीं।

माईनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन आॅफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण कोठारी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेमिनार में आये सुझावों के बारें में बताया कि लीजधारी को मासिक रिटर्न दाखिल करने होते है,उसके स्थान पर उसे सालाना एक ही रिटर्न दाखिल करने की अनुमति मिलनी चाहिये। इस प्रकार के सोफ्टवेयर विकसित होने चाहिये कि काॅल सेंटर पर उनकी हर समस्या का समाधान हो सकें। ट्रंाजिट पास की आवश्कयता को समाप्त किया जाना चाहिये। ई-आॅप्शन से ,खनन उद्योग को नुकसान होता है तो उसे बदलाव किया जाना चाहिये। समारोह को संबोधित करते हुए खान एवं भू विज्ञान विभाग के अधीक्षण खनन अभियन्ता ए.के.नंदवाना ने सेमिनार रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि माईनिंग में सर्वे से लेकर ब्लास्टिंग, सेफ्टी, पयार्वरण,समय की बचत,स्त्रोतों का उपयोग हो रहा है। छाटे व बड़े उद्यमी साथ मिलकर काम कर रहे है। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि खान एवं भू विज्ञान विभाग के अतिरिक्त निदेशक आर.क.ेनलवाया ने भी संबोधित किया।
समापन समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए खनन सुरक्षा के निदेशक ए.के.पोरवाल ने कहा कि हमें पेपर को बचानें के लिये अब ई-पेपर पर चलना होगा।अंग्रेजी के बजाय हिन्दी में काम करने को प्राथमिकता देनी होगी। तहसील स्तर पर डीएमएम फण्ड से राशि उपलब्ध कराकर वहंा के छोटे खनन उद्यमियों की मदद करनी चाहिये। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए आर.पी.गुप्ता ने कहा कि सेमिनार में जो सुझाव आते है उन्हें सरकार द्वारा लागू किया जाना चाहिये,तभी सेमिनार की सार्थकता होती है। अंत में आभार एस.के.वशिष्ठ ने ज्ञापित किया। संचालन दीपक शर्मा ने किया।
इससे पूर्व आज प्रातःतकनीकी सत्र में हिजिंलि के सुनील वशिष्ठ,श्रीरामपुर एरिया एस.सीसी.एल के के.लक्ष्मीनारायण, एम.एल.लाहोटी ने ब्लास्टिंग कार्य में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स एवं डिजिटलाईजेशन पर केस स्टडी पेश की। आरिफ मो.शेख ने इलीगल खनन रोकने में ई-सोल्यूशन पर पत्र वाचन किया।
आर.एस.एम.एम.लि. के एच.के. व्यास ने डिजिटलाईजेशन आवश्यकता एवं अनुभव विषय पर पत्रवाचन किया। इस तकनीकी सत्र की अध्यक्षता टाटा स्टील के पंकज साटिज व आईआईटी बनारस के राजेश राय ने की। चतुर्थ तकनीकी सत्र में श्वेता सिंघल,प्रबल मजूमदार,अहमदाबाद के उप मुख्य लेबर आयुक्त एस.सी.जोशी ने श्रम प्रशासन में डिजिटलाईजेशन एवं ई-गवर्नेन्स, चंाद चंादना ने ई-गवर्नेन्स पर मान्य नियमावली पर पत्रवाचन किया। इस सत्र की अध्यक्षता के.लक्ष्मीनारायण ने किया।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *