एचडीएफसी बैंक द्वारा निर्मित ब्लड स्टोरेज यूनिट का उद्घाटन

BY — December 19, 2019

ब्लड बैंक में ब्लड स्टोरेज की क्षमता बढ़कर 3000 यूनिट हुई
उदयपुर। एचडीएफसी बैंक उदयपुर द्वारा उदयपुर महाराणा भूपाल सार्वजिक चिकित्सालय के ब्लड बैंक में निर्मित कराये गये ब्लड स्टोरेज का महाराणा भूपाल सार्वजनिक चिकित्सालय के प्राचार्य एवं नियंत्रक डाॅ. लाखन पोसवाल एवं एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुनाथ रेड्डी ने फीता काटकर कर किया।

रेड्डी ने कहा कि बैंक ने अपनी सीएसआर गतिविधि के तहत राजकीय चिकित्सालयों में इस वर्ष का राजरथान में यह पंाचवा ब्लड स्टोरेज स्थापित किया है। इससे पूर्व बैंक ने जयपुर, जोधपुर,कोटा व अजमेर के राजकीय चिकित्सालयों में ब्लड स्टोरेज स्थापित किये जा चुके है। रेड्डी ने कहा कि बैंक राजस्थान में सीएसआर गतिविधि के तहत करीब 60 लाख रूपया खर्च कर चुका है। इस स्टोरेज के खुलने से अब रक्त की उपलब्धता में कमी की शिकायत खत्म हो जायेगी। 1800 यूनिब्ट स्टोरेज की क्षमता वाले इस स्टोरेज का 3 वर्ष का मेन्टीनेन्स बैंक की ओर से वेन्डर करेगा। बैंक ने वर्ष 2007 में ब्लड केम्प लगानें प्रारम्भ किये और यह लागातार 13 वंा वर्ष हैं। इव अवसर एचडीएफसी उदयपुर बैंक के सर्किल हेड विनोद परिहार ने कहा कि इसेे आम जनता को बहुत लाभ पंहुचेगा। इस अवसर पर प्राचार्य डाॅ. लाखन पोसवाल ने बताया कि इस ब्लड स्टोरेेज की स्थापना से ब्लड बैंक में ब्लड स्टोरेज की क्षमता 1200 से बड़कर 3000 यूनिट हो जायंेगी। ब्लड मे ंसे आरबीसी, प्लाजमा, प्लेटलेट्स निकाल कर उन्हें स्टोरेज करना और आसान हो जायेगा। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार चुप्पी तोड़ो- खुलकर बोलो, हाईरिस्क प्रगेनेन्संी,कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों,दुघर्टना में घायल हुए मरीजों के परिजनों से बिना केाई ब्लड लिये घायल रोगी बालिकाओं तथा महिलाओं को खून दिया जा सकेगा। हमारा भी यहीं प्रयास के ही ब्लड के अभाव में किसी भी रोगी की मृत्यु न हों। यह स्टोरेज हमारें लिये वरदान साबित होगा।
उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक 2007 से भारत में रक्त की कमी को पूरा करने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है और बैंक ने दिसंबर 2013 में सबसे बड़ा एक-दिवसीय रक्तदान अभियान आयोजित कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2007 से अब तक विगत 12 वर्षों में, इस बैंक ने 1.2 मिलियन यूनिट से अधिक रक्त का सफलतापूर्वक संग्रह किया है। इस अभियान के दौरान, यह पाया गया कि विभिन्न ब्लड बैंकों में रक्त भण्डारण क्षमता में वृद्धि करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि रक्तदान करना सुनिश्चित करना, ताकि रोगियों को चढ़ाने के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर बैंक के सिटी हेड अभिषेक टांक, अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. एके मेनन, ब्लड बैंक प्रभारी डां. संजय प्रकाश, बैंक अधिकारी आशीष राठी, पुनीत सक्सेना सहित बैंक के अनेक अधिकारी मौजूद थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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