Header Banner

हिन्दुस्तान जिंक मास्टर्स ऑफ रिस्क अवार्ड से सम्मानित

BY — April 5, 2022

भारत की एकमात्र और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत सीसा-जस्ता और चांदी की उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने मास्टर्स ऑफ रिस्क का अवार्ड जीता।

मुबई में हुए द इंडिया रिस्क मैनेजमेंट अवार्ड के आठवें संस्करण समारोह में यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक की एमएएस (मैनेजमेंट अश्योरेंस सर्विस) टीम को फ्रॉड प्रिवेंशन और ऐथिक्स मैनेजमेंट के लिए प्रदान किया गया। अतिथियों के रूप में समारोह में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के एमडी एंड सीईओ भार्गव दासगुप्ता, सीएनबीसी-टीवी 18 की कार्यकारी संपादक लता वेंकटेश एवं प्रसिद्ध बिजनेस स्टेªटेजिस्ट निर्मल्या कुमार शामिल हुए।
हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक में रिस्क मैनेजमेंट प्रोफाइल अत्यधिक पारदर्शी प्रणाली पर आधारित है जिसमें सभी स्तरों पर टीमों को विभिन्न ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार के जोखिम की श्रेणी की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह पुरस्कार हमारे सिस्टम और प्रक्रियाओं के लिए एक लीगेसी है जो जोखिम को कम करने, सुचारू संचालन, लोगों के प्रबंधन और कंम्प्लायंस फ्रेमवर्क को उपर से नीचे तक प्रबंधन तक पहुंच को सुनिश्चित करता है।
इंडिया रिस्क मैनेजमेंट अवार्ड्स उन संगठनों और टीमों को मान्यता देते हैं जिन्होंने जोखिम प्रबंधन की समझ और अभ्यास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हिंदुस्तान जिंक एक जिम्मेदार कॉर्पाेरेट के रूप में प्रभावी जोखिम प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है, जो कंपनी के व्यवसाय की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। हिंदुस्तान जिंक लगातार उन सभी जोखिमों की नियमित मैपिंग और शमन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो उनके व्यवसाय को संभावित रूप से प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी ने एक अच्छी तरह से परिभाषित रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को लागू किया है जो उन्हें प्रत्येक चरण में परिभाषित भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के साथ एक अच्छी प्रक्रिया के माध्यम से सभी स्तरों पर प्रासंगिक जोखिमों की पहचान, मूल्यांकन, वर्गीकरण करने की अनुमति देता है।
हिंदुस्तान जिंक सख्त आचार संहिता का पालन करता है और व्हिसलब्लोअर तंत्र के माध्यम से अनियमितताओं की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करता है। फ्रॉड को रोकने के लिए, कंपनी ने कई नियंत्रण उपाय किए हैं। इन उपायों को करने के लिए विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) और नैतिकता प्रशिक्षण, अद्यतन एसओपी, आईटी/प्राधिकरण नियंत्रण और परिणाम प्रबंधन का उपयोग किया जाता है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply