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महिलाओं के उद्यमों में एआई के अधिक उपयोग की अपील

BY — November 4, 2023

विज्ञान सम्मेलन देशभर के विज्ञान विशेषज्ञों ने लिया भाग
उदयपुर। महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके उद्यमिता विकास के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर मंथन संगोष्ठी महिलाओं को जोड़ने और डिजिटल शिक्षा की ओर अग्रसर करने के प्रयास करने के साथ सम्पन्न हुई। राष्ट्रीय संगोष्ठी पेसिफिक विश्वविद्यालय और नेशनल अकेडमी ऑफ साईंसेज इण्डिया राजस्थान चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गयी। दूसरे दिन दक्षिण राजस्थान में महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करने वाले उद्यमियों के चर्चा की गयी और अधिक से अधिक महिलाआें को विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ने की कोशिश करने में सरकारी सहायता की मांग की गयी।

आयोजन सचिव प्रो. एस.डी. पुरोहित ने बताया कि संगोष्ठी के दूसरे दिन सत्र में लखनऊ बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर प्रो. आलोक धवन ने विज्ञान एवं तकनीकी में जोखिम एवं आत्मनिर्भर भारत पर नवाचार के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। एआईआईएमएस नई दिल्ली की प्रो. पद्मा श्रीवास्तव ने न्यूरोलॉजी में आर्टिफिशियल इंजेलिजेंस एवं डॉ. मेधावी गौतम ने पौषण के महत्व एवं मोटे अनाज का सशक्त महिला निर्माण पर प्रकाश डाला, डॉ. सुदिप्ती अरोरा ने ग्रामीण पुनर्जागरण एवं डॉ. सुफिया खान ने प्रयोगशाला से बाजार तक की यात्रा में विज्ञान एवं कला की भूमिका पर चर्चा की, डॉ. सुनील दुबे, राजेश ओझा, अर्चित दशोरा, कमलेन्द्र सिंह राठौड़ ने सेब, शहद, सीताफल, जामुन, आंवला एवं मशरूम के संग्रहण, प्रसंस्करण और सरंक्षण के बारे के ग्रामीण महिलाओं के सहयोग एवं उनके लिए उद्यमिता विकास पर चर्चा की। महिलाएं विज्ञान एवं तकनीकी के उपयोग से उत्पादों में मूल्यवर्धन द्वारा अधिक लाभ अर्जित कर सकती हैं। महिलाओं के सशक्त बनना निश्चित रूप से परिवार, समाज व देश के लिए बेहतर और खुशहाल जीवन सुनिश्चित कर सकता है।
सत्र के पश्चात उद्यमियों के साथ विज्ञान एवं तकनीक का महिला आय वृद्धि संवर्द्धन पर चर्चा, पद्मभूषण प्रो. मंजू शर्मा के सानिध्य में की गयी । समारोह में नासी के पदाधिकारी प्रो. एच.एन. वर्मा, डॉ. वी.एम. कटोच, पद्म श्री प्रो. बलराम भार्गव, प्रो. एन के लोहिया, उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में प्रो. हेमन्त कोठारी ने नासी से आए से सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह प्रदान करके उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रो. दिलेन्द्र हिरण ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए वैज्ञानिकों को धन्यवाद दिया । कार्यक्रम का संचालन संगोष्ठी आयोजन सचिव प्रो. एस डी पुरोहित ने किया । कार्यक्रम में वैज्ञानिक टीम के डॉक्टर राखी मेहता, डॉ. शिखा वर्मा, डॉ. नरेश मेनारिया एवं प्रो. सीमा कोठारी को नासी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये साथ ही उन्होंने प्रो. हेमन्त कोठारी एव प्रो. एस. डी.पुरोहित को स्मृति चिन्ह प्रदान किया ।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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