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स्तनपान से बचाई जा सकती हैं हर साल 10 लाख बच्चों की जान

BY — August 8, 2024

विश्व स्तनपान सप्ताह के अर्न्तगत जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
सुनील गोठवाल

उदयपुर। पेसिफिक मेडीकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया गया। इस बार विश्व स्तनपान दिवस की थीम ‘अंतराल को कम करना – सभी के लिए स्तनपान सहायता‘ है।

इस अवसर पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.राजरानी शर्मा ने कहा कि मॉ का दूध नवजात षिषु के लिए प्रथम टीका है। यह बच्चों के लिए सर्वोतम आहार है। डॉ. शर्मा ने मॉ के दूध के महत्व के बारे में विधार्थीओं एवं नर्सिगकर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर साल 110 करोड लीटर मॉ का दूध बर्बाद होता हैं। अगर इस दूध का सही इस्तेमाल हो तो हर साल 10 लाख बच्चो की जान बचायी जा सकती है। स्तनपान महिलाओं को स्तन एवं अण्डकोष के कैन्सर से बचाता है साथ ही बच्चों के आईक्यू लेवल को बढाने के साथ साथ बच्चों को निमोनिया एलर्जी एवं दस्त जैसी बीमारीयों से न केवल बचाता है साथ ही गर्भावस्था के दौरान महिलाओ के शरीर में आए शारीरिक बदलाव को भी पुनः पहले जैसा बनाता है।
समापन समारोह कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उदयपुर महिला समृद्धि बैंक अध्यक्ष एवं अध्यक्ष की सदस्य डॉ किरण जैन ने कहा कि माँ का दूध बच्चे को सभी जरूरी पोषक तत्वों को प्रदान करता है। इससे बच्चे में मालनूट्रिशन की आशंका कम हो जाती है। स्तनपान से बच्चे को अस्थमा, मोटापा और टाइप 1 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा कम रहता है।
इस सप्ताह के दौरान पीजी के विधार्थीयों के लिए निबन्ध, एमबीबीएस के छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता,फिजियोथेरेपी के विधार्थीयो के लिए स्लोगन/पोस्टर प्रतियोगिता एवं नर्सिंगकर्मियों के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा अघीक्षक एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग प्रोफेसर डॉ.सुनीता माहेश्वरी, डॉ.आभा गुप्ता,डॉ.रमा चुण्डावत,डॉ.आकांक्षा अग्रवाल,डॉ.कपिल व्यास,डॉ.सुधीर मावडिया,डॉ.पुनीत जैन एवं अन्य गणमान्य चिकित्स्कों सहित मेडिकल विधार्थी एवं नर्सिगकर्मी उपस्थित रहे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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