1250 इंटरव्यू , 117 को हाथों हाथ नौकरी के प्रस्ताव

BY — July 7, 2014

पेसिफिक का रोजगार मेला लाया युवाओं के लिए रोशनी
करियर मार्गदर्शन शिविर का समापन

070702उदयपुर। पेसिफिक विश्वविद्यालय की ओर से जिला प्रशासन, यूसीसीआई आदि के साथ मिलकर आयोजित दो दिनी शैक्षणिक परामर्श एवं कैरियर मार्गदर्शन शिविर तथा रोजगार मेले में 1470 आवेदन प्राप्त हुए और लगभग 1250 साक्षात्कार लिए गए। 18 कम्पनियों ने 117 अभ्यर्थियों को हाथों हाथ नौकरी के प्रस्ताव दिये।

इसके अलावा मेले में उपलब्ध 9 बैंकों के काउंटर पर एज्युकेशन लोन की जानकारी लेने के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ी। शिविर में बैंकिंग, बीमा, रिटेल, रियल एस्टेट, रेलवे, ऊर्जा प्रबंधन, आर्मी, कम्युनिकेशन स्किल, सिविल सेवाएं, कृषि टेक्नोलोजी, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग, प्रबन्धन, फैशन, मीडिया एवं मास कम्युनिकेशन संबंधी जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रेसिडेन्ट प्रो. बी.पी. शर्मा ने विद्यार्थियों की कॅरियर संबंधी दुविधा को दूर करते हुए बताया कि बारहवीं के बाद विषय विशेष का चयन रुचि के अनुसार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रबंधन, इंजीनियरिंग, मीडिया, आर्मी, न्यायिक व पुलिस सेवा रेलवे आदि क्षेत्रों में आकर्षक करियर अवसर विपुल मात्रा में उपलब्ध हैं।
पेसिफिक यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर पूजा देविजा ने बताया कि पेसिफिक यूनिवर्सिटी के 18 महाविद्यालयों में करीब 15000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विभिन्न संकायों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कॅरियर की विपुल संभावनाएं उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट सेल लगातार सक्रिय है। असिस्टेंट प्रोफेसर शिवोहम सिंह ने विद्यार्थियों को स्वयं के व्यक्तित्व के आधार पर कॅरियर चुनने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सर्विस सेक्टर, बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा, रिटेल एवं रेलवे में कॅरियर बनाने के लिए स्कूल से ही तैयारी करना जरूरी है। इसके अलावा मार्केट के बदलते स्वरूप में फिट बैठने के लिए इंगलिश पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
आर्मी में भी है आकर्षक कॅरियर : कोटा से आए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल गुमानसिंह ने युवाओं को आर्मी में कॅरियर बनाने संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्मी में कुछ अलग करने का जज्बा रखने वाले ही सफल होते हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में देश को बाहरी एवं आंतरिक दुश्मनों से मुकाबला करने के लिए बड़ी संख्या में युवा अफसरों की जरूरत है। ये अवसर नेवी, एयरफोर्स व आर्मी में उपलब्ध है। साथ ही लड़कियाँ खास तौर पर वूमन एन्ट्री स्कीम के तहत सेना में प्रवेश कर सकती हैं। लेफ्टिनेंट गुमानसिंह ने बताया कि विद्यार्थी 12वीं के बाद एन.डी.ए. और ग्रेज्युएशन के बाद सी.डी.एस. परीक्षा के जरिए इन्टरव्यू तक पहुंच सकते हैं। इसमें चयन के बाद आई.एम.ए. देहरादून या ओ.टी.सी. मद्रास में ट्रेनिंग दी जाती है।
070703बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल : विद्यार्थियों के लिए कम्युनिकेशन स्किल के सेशन की भी विशेष व्यवस्था की गई। सेशन के वक्ता टाइटेनियम इंस्टीट्यूट के मुकेश जनवा ने विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल के टिप्स सिखाए। उन्होंने बताया कि प्रभावी कम्युनिकेशन के लिए ग्रामर, वोकेबुलेरी और टाइमिंग पर  खास ध्यान देना जरूरी है।
बदलती टेक्नोलॉजी के साथ बदलना है जरूरी : डॉ. मुकेश श्रीमाली ने तेजी से बदलती हाइटेक दुनिया के महत्त्व को समझाया। उन्होंने पॉवर पॉइन्ट प्रेजेन्टेशन एवं विडियो के जरिए बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और इसके महत्त्व को समझना जरूरी है। साथ ही आगे बढ़ने के लिए बड़ी सोच रखने की भी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आई.ए.एस., आर.ए.एस., मेडिकल व इंजीनियरिंग आदि कॉम्पिटीटिव परिक्षाओं की तैयारी विशेष रणनीति के साथ करनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. श्रीमाली ने बताया कि पेसिफिक विश्वविद्यालय जल्द ही बायो-इंजीनियरिंग, बायोमेडिकल तथा एस्ट्रो फिजिक्स के कोर्स भी शुरू करने जा रहा है।
एग्रीकल्चर टेक्नोलोजी-एक फलता-फूलता सेक्टर
समारोह में जोबनेर विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलपति प्रो. एन. एस. राठौड़ ने बताया कि दुनिया के 37 प्रतिशत अशिक्षित व्यक्ति भारत में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र से हैं। स्पष्ट है कि भारत में कृषि व इससे जुड़े हुए सेक्टर में कॅरियर की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि भारत में कृषि शिक्षा के सिर्फ 65 विश्वविद्यालय हैं जिनमें 1 लाख से भी कम विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। मैनेजमेंट की तरह ही एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी में भी ए-स्कूल व बी-स्कूल की तर्ज पर कॉलेज शुरू हो रहे हैं जिसके जरिए एग्रीकल्चर टेक्नोलोजी से जुड़े सेक्टर में कॅरियर बनाया जा सकता है।
देश में सबसे ज्यादा नौकरियां देता है रेलवे : इस मौके पर रेलवे ट्रेनिंग स्कूल के प्रिंसीपल सत्यपाल सिंह ने बताया कि एशिया में सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाला उपक्रम भारतीय रेलवे है। जिसमें करीब 12.5 लाख कर्मचारी काम करते हैं। अधिकारी स्तर की भर्तियां यु.पी.एस.सी. द्वारा समय-समय पर की जाती है। इनमें ग्रुप डी की सर्वाधिक नौकरियां की नौकरियाँ क्षेत्रीय स्तर पर निकलती हैं। जबकि ग्रुप सी सर्विसेज में गार्ड स्टेशन मास्टर आदि शामिल हैं। इनमें लोकोपायलट की अधिकतम मांग है। रेलवे सेवा में विशेष तौर पर लड़कियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है। साथ ही सभी कर्मचारियों के लिए रेलवे रहने, खाने और मेडिकल की अन्य सुविधाएं भी देता है।
तेजी से उभरता क्षेत्र है मीडिया : ऑल इण्डिया रेडियो के पूर्व निदेशक माणिक आर्य ने मीडिया क्षेत्र में उपलब्ध कॅरियर संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के हाईटेक युग में प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक एवं न्यू मीडिया क्षेत्रों में आकर्षक कॅरियर एवं नौकरियाँ उपलब्ध हैं।
पेसिफिक फुटबॉल टीम का हुआ सम्मान : अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीय फुटबॉल प्रतियोगिता में पेसिफिक विश्वविद्यालय की टीम के विजेता होने पर टीम के प्रशिक्षकों का सम्मान किया गया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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