प्रभु नाम ही कल्याण का श्रेष्ठ मार्ग

BY — August 31, 2014

इस्कॉन उदयपुर सेंटर पर हुआ कार्यक्रम

310815उदयपुर। प्रभु श्री कृष्ण की शरण में जाकर भक्त सभी कष्ट, भय और पापों से मुक्त होकर वैकुंठ धाम को प्राप्त होता है। कलयुग में केवल भगवान के नाम का जाप ही भगवान को प्राप्त करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है।

ये विचार वृन्दावन से आये अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ के अर्न्तराष्ट्रीय प्रचारक श्री भक्ति आश्रय जी महाराज ने उदयपुर प्रवास के दौरान भगवद्कथा के दौरान रखे। उन्होने उदयपुर आने से पूर्व प्रभु श्रीनाथ जी के दर्शन किये। उन्होंने श्रीजी की महिमा का बखान करते हुए कहा कि प्रभु ने जहां गिरिराज पर्वत से भक्तों को तारा, वहीं कालिया मर्दन से आमजन को भय मुक्त किया। श्रीनाथजी के विग्रह में ये दोनों लीलाएं सम्मिलित हैं।
310816उन्होंने कहा कि भगवान सदैव भक्त पर कृपा न्यौछावर करते हैं, लेकिन भक्त को चाहिये कि वे प्रभु का पूर्ण विश्वास एवं समर्पण के साथ स्मरण करे। उन्होंने गिरिराज पर्वत का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान ने अपने भक्तों की एक पुकार पर गिरिराज पर्वत को कनिष्का अंगुली पर 7 दिनों तक उठाते हुए भूख प्यास, क्रोध, शोक, शयन आदि से रहित रखते हुए सभी प्राणियों को सुरक्षा प्रदान की। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति के लिये व्यक्ति को व्यसन, अखाद्य वस्तुओं, जुआ, व पाप कृत्यों से रहित होकर परोपकार का मार्ग अपनाना चाहिये।
देश भर से आये संतजन के स्वरमय कीर्तन से भक्तजन झूम उठे। इस्कॉन विस्तार केन्द्र के अध्यक्ष बीएस कानावत ने बताया कि कार्यक्रम के लिये वृन्दावन, दिल्ली मथुरा, अजमेर, अहमदाबाद, जोधपुर, श्रीमाधोपुर, बडोदा, भीलवाडा, जयपुर एवं इस्कॉन के भारत स्थित विभिन्न सेन्टर्स के पदाधिकारी एवं संतजन मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि दिल्ली से अर्न्तराष्ट्रीय प्रचारक श्री भक्ति आश्रय जी महाराज, राजस्थान के प्रमुख पंचरत्न प्रभु, दिल्ली से श्री निकेतन प्रभु, श्री कृष्ण कुमार दास अहमदाबाद केन्द्र के उपाध्यक्ष विष्णुनाम, जोधपुर केन्द्र के अध्यक्ष दामोदर कृपादास जयपुर के उपाध्यक्ष शांत नरसिंहदास सहित अन्य वरिष्ठ विद्वजनों का सानिध्य प्राप्त हुआ।
रविवार को स्थानीय टाउन प्लानर अतिथि परिसर में नंदोत्सव कार्यक्रम के तहत प्रभु श्रीकृष्ण महाभिषेक का भव्य आयोजन हुआ। सभी भक्तजनों ने निज मंदिर में विराजित लड्डू गोपाल के विग्रह का पंचद्रव्य से अभिषेक कर ठाकुर के जन्मोत्सव को बड़े धूमधाम से वैष्णव परंपरानुसार मनाया। वृंदावन से पधारे इस्कॉन के अंतर्राष्ट्रीय प्रचारक भक्ति आश्रय महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में विविध प्रांतों से आये भक्तजन ने सुमधुर कृष्णधुन से समारोह को पूर्ण भक्तिमय बनाया। भक्त एवं श्रोता भाव-विभोर होकर नाच उठे। कार्यक्रम के दौरान बाल-गोपाल ने मटकी फोड़ कार्यक्रम प्रस्तुति में कृष्ण सखाओं द्वारा माखन चोरी के प्रसंग को ताजा किया। इस मौके पर भगवत गीता ज्ञान पर आधारित प्रतियोगिता के विजेताओं में प्रथम तनुजा पालीवाल, द्वितीय रितेश दाहिमा तथा तृतीय निखिल व्यास को क्रमशः 11 हजार, 5 हजार व 2500 सहित 21 छात्रों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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