नई शिक्षा नीति में चुनौतियां एवम संभावनाएं पर वेबिनार

BY — August 3, 2021

उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविधालय के प्रबंध अध्ययन संकाय में संचालित उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ एवम अटल बिहारी उद्यमिता, लघु उद्योग एवं कौशल विकास केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में नई शिक्षा नीति के एक वर्ष पूर्ण होने पर कौशल, उद्यमिता एवम रोजगार : नई शिक्षा नीति में चुनौतियां एवम संभावनाएं विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य वक्ता के तौर cराष्ट्रीय उद्यमिता और लघु उद्योग विकास संस्थान (NISBUD) के पूर्व सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक एच पी सिंह थे।

उन्होंने विभिन्न उद्यमियों जैसे श्री कांथ भोला जो जन्म से दृष्टि बाधित होकर भी व्यवसाय किया, आई ए एस से सब्जीवाला बनना पसंद कर व्यवसाय करने को चुनना जैसे बड़े रोचक उदाहरण लेकर विद्यार्थियो की ओर प्रोत्साहित किया। इसी के साथ उन्होंने बिट्टू टिक्की वाला, आइस क्रीम लेडी रजनी बेक्टर, हरभजन कौर बेसन की बर्फी बना के ९० वर्ष की उम्र में व्यवसाय के उदहारण देते हुए प्रतिभागियों को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया।
वेबीनार के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रबंध अध्ययन संकाय के निदेशक एवम प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो हनुमान प्रसाद ने कहा की कौशल, रोजगार एवम उद्यमिता ही मानव जीवन का आधार रहा है नई शिक्षा नीति युवाओं में इनका अभ्यास करा व्यवहारिक जीवन में आत्मसात करने एवम आत्म निर्भरता की ओर प्रेरित करेगा। इससे पूर्व उन्होंने कुलपति प्रो अमेरिका सिंह जी का संदेश देते हुए कहा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित आठ दिवसिय व्याख्यान माला के अनुसरण में उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ एवम प्रबंध अध्ययन संकाय द्वारा आयोजित यह वेबिनार मेवाड़ के विद्यार्थियों में नई शिक्षा नीति के कौशल एवम उद्यमिता उन्मुखी होने की जानकारी प्रसारित करेगी तथा उन्हें कौशल एवम उद्यमिता में पारंगत करने की ओर सजग एवम प्रोत्साहित करेगी। कार्यक्रम में धन्यवाद प्रकोष्ठ के सह समन्वयक डा सचिन गुप्ता ने ज्ञापित किया। संचालन रानू नागोरी ने किया। वेबीनार में देश भर से नामचीन हस्तियों ने जिसमे प्रो बी पी भटनागर, अजय साईराम, राजेश पांडेय, प्रवीण के सी, चिराग दवे, गौरव सालवी, रिया गर्ग इत्यादि तकरीबन सौ से भी अधिक लोग सम्मिलित हुए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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