पर्यावरण संबंधी बेस्ट प्रेक्टिसेज के लिए हिन्द जिंक को सीआईआई पुरस्कार

BY — August 4, 2021

चंदेरिया स्मेल्टर में जारोफिक्स यार्ड की रेस्टोरेशन और राजपुरा दरीबा खदान में बायोडायोवरसिटी पार्क ने पर्यावरण संबंधी बेस्ट प्रेक्टिस के लिए सीआईआई राष्ट्रीय पुरस्कार 2021 जीता, जारोफिक्स यार्ड की रेस्टोरेशन के लिए माईकोर्रहिजा प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया था, बायोडायोवरसिटी पार्क में 42 विभिन्न प्रजातियों के लगभग 50 हजार पौधे लगाए गए
उदयपुर। कंपनी के सस्टेनेबल भविष्य के लिए बायोडायोवरसिटी की रक्षा और वृद्धि के दृष्टिकोण के लिए हिंदुस्तान जिंक ने अपने चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लिए मोस्ट इनोवेटिव एनवायरनमेंटल प्रोजेक्ट अवार्ड. जारोफिक्स यार्ड की रेस्टोरेशन और राजपुरा दरीबा खान में बायोडायोवरसिटी पार्क के लिए अभिनव पर्यावरण परियोजना पुरस्कार पर्यावरण संबंधी बेस्ट प्रेक्टिस के लिए प्रसिद्ध सीआईआई राष्ट्रीय पुरस्कार 2021 को जीता है।

उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक में हम दृढ़ता पूर्वक विश्वास करते हैं कि सस्टेनेबिलिटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता न केवल हमें बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी एक स्वस्थ और हरे.भरे कल की ओर ले जाएगी। एक जिम्मेदार कंपनी के रूप में हमने अपने सामने कठिन और महत्वाकांक्षी सस्टेनेबल विकास लक्ष्य 2025 रखा है और हम जो भी कदम उठाते हैंए वह इन्हें प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया जाता है। राजपुरा दरीबा खदान में जैव बायोडायोवरसिटी पार्क में 50000 पौधों के रोपण और चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर टीम ने द एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ;टीईआरआईद्ध के सहयोग से वेस्ट भूमि पर हरित क्षेत्र विकसित करने सहित दो परियोजनाओं को उद्योग द्वारा परिवर्तनात्मक पर्यावरणीय परियोजनाओं के रूप में मान्यता दी गई है और हमें अपने इस पर गर्व है। ये हमारे सभी कार्यों में जैव विविधता के नो नेट लोस और जैव विविधता के नेट पोजीटिव गेन को प्राप्त करने के लिए हमारे आसपास की बायोडायोवरसिटी की रक्षा और संरक्षण के प्रति हमारी कंपनी की प्रतिबद्धता का उदाहरण हैं।
राजपुरा दरीबा खदान के भीतर 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि को बायोडायोवरसिटी पार्क के रूप में विकसित किया गया हैए जिसमें 42 विभिन्न प्रकार के 50ए000 से अधिक पौधे लगाए गए थे। अनुपयोगी पौधों को हटाकर मिट्टी के संवर्धन और अनुकूलन के बादए क्षेत्र को अब हरी भूमि में बदल दिया गया है। चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर टीम ने टीईआरआई ;द एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूटद्ध के सहयोग से अपने समाप्त हो चुके जारोफिक्स वेस्ट यार्ड पर 3.हेक्टेयर हरे क्षेत्र के विकास के लिए माइकोर्रहिजा तकनीक का उपयोग किया है। माइकोर्रहिजा प्रौद्योगिकी पौधा और फंगस के बीच एक सहजीवी संबंध हैए जहाँ पौधा फंगस को भोजन प्रदान करता है और फंगस मिट्टी से पोषक तत्व लेता है और खेती की प्रक्रियाओं में सुधार करके उपजाऊ मिट्टी का कायाकल्प करता है और सस्टेनेबल तरीके से अनुपयोगी भूमि को उत्पादक भूमि में बदल देता है।
जिन 196 परियोजनाओं ने आवेदन किया थाए उनमें से जारोफिक्स यार्ड परियोजना के रेस्टोरेशन और बायोडायोवरसिटी पार्क परियोजना को 35 पर्यावरण बेस्ट प्रेक्टिस परियोजनाओं में से चुना गया था। तरुण मेघवाल, वरिष्ठ प्रबंधक पर्यावरण, विजय राणा, प्रबंधक प्रक्रिया मनीषा भाटी, उप प्रबंधक पर्यावरण और हरीश चतुर्वेदी, एग्जीक्यूटीव एनवायरमेंट चंदेरिया टीम से और विवेक कुमार, हेड.पर्यावरण डीएससी और हिमांशु शारदा . टीम सदस्य पर्यावरण आरडीएम टीम ने सम्मानित उद्योग के पेशेवर सदस्यों की ज्यरी को परियोजना प्रस्तुत की गई। यह उपलब्धि संपूर्ण हिंदुस्तान जिंक की टीम के लिए बायोडायोवरसिटी के संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मान की बात है। इस सफलता के साथए चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर टीम और राजपुरा दरीबा माइन्स टीम ने खनन और धातु उद्योगों के लिए एक बेंचमार्क परियोजना तैयार की है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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