अनसुनी कहानियां सुन बच्चे हुए रोमांचित

BY — November 11, 2022

तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल शुरू
उदयपुर। उदयपुर टेल्स की ओर से शुक्रवार को तीन दिवसीय इंटरनेशनल स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल का धमाकेदार आगाज सज्जनगढ़ क्षेत्र स्थित बाम्बूसा रिसोर्ट में हुआ।

मा माय एंकर फाउण्डेश्एन की को-फाउंडर सुश्मिता सिंघा ने बताया कि फेस्टिवल के प्रथम दिन प्रातः 11.30 से 12.30 बजे तक के सेशन में शहर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 12 स्कूलों के 1500 बच्चों ने भाग लिया और रोमांचित कहानियों पर जमकर ठहाके लगायें। वह कहानियों में ऐसे घुल मिल गये मानो कहानियों में जो पात्र बताए जा रहे हैं वह स्वयं ही है। रहस्य रोमांच से भरपूर कहानियों को सुनकर जहां बच्चों ने खूब मस्ती लूटी वही वीर शिरोमणि प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप की कहानी सुनकर बच्चे जोश से भर गए और उनमे देशभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा।
सबसे पहले उदयपुर के प्रसिद्ध रंगकर्मी विलास जानवे ने कहानी कीका की….सुनाई तो बच्चे भाव विभोर हो गए। इस कहानी में महाराणा प्रताप और जनजाति संप्रदाय के आपसी प्रेम को दर्शाया गया। कहानी के माध्यम से उन्होंने बच्चों को जो दृढ़ राखे धर्म को ताही राखे करतार का संदेश देते हुए कहा कि जो कर्तव्य का पालन करते हैं, हमेशा धर्म पर चलते हैं, अपने राष्ट्र राज्य की रक्षा के लिए अपने आप को समर्पित कर देते हैं उनका भगवान भी साथ देता है। जिस तरह से महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कभी हिम्मत नहीं हारी, सबको साथ लेकर चले, विपरीत परिस्थितियों को उन्होंने अवसर बना दिया। महाराणा प्रताप का जीवन उनका चरित्र जन जन के लिए प्रेरणादायक है। महाराणा प्रताप का जीवन चरित्र सुनने के बाद बच्चों में देशभक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि उन्होंने जय मेवाड़ जय मेवाड़ के नारों से आसमान गुंजा दिया।

इसके बाद दिल्ली से आए वरुण नारायण ने बच्चों को कठपुतली की दुनिया से रूबरू कराते हुए पोटली के बाहर कहानी के अन्दर… सुनाई। कठपुतली की दुनिया से रूबरू कराते हुए उन्होंने बच्चों को रहस्य रोमांच से भर दिया। कहानी के अनुसार एक राजा का दरबार था। वहां पर पोटली में रखे गहने चोरी हो गये। उसका इल्जाम एक नृत्यांगना पर लगाया गया। जबकि गहनों की चोरी राजा के मंत्री ने ही की थी और उसने उन बहनों को दूसरे सुल्तान को बेच दिया था। कठपुतली के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया किसी भी चीज का पता लगाने के लिए उसकी पूरी तरह तक जाना चाहिए। बिना जानकारी के अभाव में ना कोई काम करें और ना ही कोई चर्चा करनी चाहिए। कठपुतली भी एक कला है। आजकल के बच्चे उसके बारे में अनजान है। बच्चों के सामने इस कला को प्रदर्शित करने से बच्चों में कठपुतली कला के प्रति एक आकर्षण पैदा हुआ। कठपुतली कला को देखकर बच्चे इतने प्रभावित हुए कि कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पांडाल गुंजा दिया।
इसके बाद मंच पर बच्चों के सामने कहानीकार संदीप सेन आए। उन्होंने माता-पिता गुरु और बच्चों के बीच के पवित्र रिश्तो को रेखांकित करते हुए कहानी सुनाई। इस कहानी से बच्चों को संदेश दिया कि जीवन में माता पिता और गुरु भगवान के बराबर होते हैं। उनकी आज्ञा का हमेशा पालन करना चाहिए। उनके आशीर्वाद के बिना जीवन में कुछ भी हासिल करना नामुमकिन होता है।
इसके बाद गुजरात से आए 9 कलाकारों की एक टोली ने विशेष परिधान एवं वाद्य यंत्रों के साथ पावरी नृत्य किया। बच्चों के लिए यह नृत्य एकदम अजूबा और अनूठा था। बच्चों ने इस गुजराती लोकनृत्य का पूरा आनंद लिया और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर रोमांचित हो उठे। इस पूरे आयोजन का संचालन श्रुति मंत्री ने किया।
शनिवार को बॉलीवुड कलाकार सुष्मिता मुखर्जी कहेगी कहानी- को-फाउंडर सलिल भण्डारी ने बताया कि बॉलीवुड कलाकार सुष्मिता मुखर्जी शनिवार रात्रि को नारी बाई पर अनसुनी कहानी सुनायेगी। इसके अलावा हिमंाशु वाजपेयी किस्सा गोई व काकोरी कंाड पर कहानी सुनायेंगे। प्रथ्वी थियेटर से जुड़े आधार खुराना टुडे पर कहानी सुनायेंगे। अंत में अनुरागा व अर्चित डेनियल का इण्डो-वेस्टर्न बेण्ड अपनी प्रस्तुति देगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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