न्यूरो नर्सिंग एवं रिहैबिलिटेशन पर विशेष कार्यशाला

BY — December 19, 2022

उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के पेसिफिक सेन्टर ऑफ न्यूरो साईन्सेस की ओर से 9वें उदयपुर कोर्स ऑन न्यूरो साईन्सेस -2022 के दौरान न्यूरो रिहैबिलिटेशन एवम न्यूरो नर्सिंग केयर के ऊपर सिंपोजियम का आयोजन किया गया।
कंटिन्यू एजुकेशन प्रोग्राम के अर्न्तगत आयोजित इस सिंपोजियम का उद्धेश न्यूरो सेंटर में कार्यरत कर्मियों के ज्ञान को बढ़ाना है जिससे मरीजों को गुणवत्ता पूर्ण केयर दी जा सके।

कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे पेसिफिक सेंटर ऑफ न्यूरो साइंसेज के निदेशक डॉ अतुलाभ वाजपेई ने क्वालिटी केयर हेतु न्यूरो रिहैबिलिटेशन एवम न्यूरो नर्सिंग केयर की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा की न्यूरो के मरीजों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य लाभ हेतु सभी पहलुओं पर कार्य करना अत्यावश्यक है एवम सारे न्यूरो सेंटर में कार्यरत सारे कर्मचारियों की उपयोगिता सुनिश्चित की जानी चाहिए.! न्यूरो रिहैबिलिटेशन सिंपोजियम के संयोजक डॉ जफर खान ने बताया की सर्वप्रथम डा पीयूष देवपुरा ने अपने व्याख्यान में अपडेटेड मशीनरीज के बारे में तो डॉ.दीपक ने पक्षाघात के समय कंधे के खिसक जाने को बचाने के प्रयास एवम उसके सावधानियों के बारे में अवगत करवाया।
इस दौरान डॉ.अंकुर मित्तल ने उनके द्वारा किए गए शोध कार्यों के विडियोज से फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टीमुलेशन के तौर तरीको के बारे में अवगत करवाया। डॉ. जफर खान ने न्यूरो पेशेंट्स में हाइड्रोथेरेपी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इसकी उपयोगिता सुनिश्चित करवाए जाने पर जोर दिया। न्यूरो नर्सिंग केयर के संयोजक एवं फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ के सी यादव ने बताया की ब्रेन अटैक के मरीजों को जल्दी से जल्दी चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता होती है जिस हेतु नर्सिंग ऑफिसर्स का अपने कार्य में दक्ष होना अति आवश्यक है क्योंकि समय से इलाज मिलने पर इसके शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है एवम मरीज को परमानेंट डिसेबिलिटी से बचाया जा सकता है.!
पीसीएनएस के न्यूरो आइसीयू इंचार्ज पप्पू धाकड़ ने स्ट्रोक के कारणों एवम राइट आइडेंटिफिकेशन के बारे में बताते हुए समय की महत्ता को बताया एवम कहा की घर घर में स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने की क्षमता विकसित की जानी चाइए। राघवेन्द्र सिंह राजावत ने स्ट्रोक के समय मरीजों को दी जा रही नर्सिंग केयर की गुणवत्ता के बारे में श्रोताओं को अवगत कराया। चिंतन जोशी ने न्यूरो इंटरवेंशन में आए बदलावों एवम नई नई तकनीकों के माध्यम से ब्रेन अटैक ट्रीटमेंट के आयामों को बताया। सिंपोजियम के अंतिम सेशन में अवधेश त्रिपाठी ने ब्रेन अटैक से बचाव हेतु जानकारियां बताते हुए क्या करे क्या ना करे इसके बारे में बताया। इस अवसर पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नर्सिंग सुपरिटेंडेंट भरत लाल पाटीदार ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस सिंपोजियम में 200 नर्सिंग एवम 150 फिजियोथैरेपी के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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